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सांस लेने में तकलीफ से जानें बीमारियों के लक्षण!!

बीमारियां आजकल पूछकर नहीं आती है। यही वजह है की हम शुरूआती बीमारियों के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैंं। और ये बीमारियां फिर जीवनभर हमारा साथ नहीं छोड़ती हैं। सांस लेने में तकलीफ या परेशानी होना वैसे सामान्य बात है। लेकिन यदि आपका सांस सीढ़ी चढ़ते हुए या फिर थोड़े से काम करने के बाद फूलती हो तो यह चिंता का विषय है। और सांस लेने की तकलीफ कई बीमारियों के लक्षण भी हो सकते हैं।

सांस लेने से कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इस लेख में हम आपको उन्हीं रोगों के बारे में बता रहें ताकि आपको इस समस्या को हल्के में ना लें। और जानकारी ही सबसे बड़ बचाव है।

सांस लेने में तकलीफ से बीमारियों के लक्षण – Difficulty of breathing problem indicates these Diseases in Hindi

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हृदय रोग हो सकता है

जैसे की हमने आपको बताया है की सांस लेने से कई रोगों का पता चलता है। ठीक एैसे ही सांस लेने में हो रही तकलीफस से दिल से संबंधित बीमारियां का पता लगाया जा सकता है। जैसे हृदय घात, दिल की धड़कनों को अनिंत्रित होना, हार्ट फेल्योर होना व अन्य दिल के रोग आदि।
थकान, सांस फूलना व चक्कर आना या फिर सीने में दर्द हो रहा हो तो यह पल्मोनरी हाइपरटेंशन की समस्या के संकेत होते हैं। इससे फेफड़ों पर बल पड़ता है। और दिल के रोग होने लगते हैं।

सांस लेने में जब दिक्कत आती है तब हमारा हृदय यानि हार्ट ठीक तरह से हवा को पंप नहीं तर पाता है और इस वजह से हमारे फेफड़ों में प्रेशर अधिक बढ़ने लगता है। और फिर कई समस्याएं जैसे सांस लेने में परेशानी व लेटते ही खांसी का अधिक आना जैसे परेशानियां हो सकती हैं।

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मोटापे की वजह से

वे लोग जो मोटापे से परेशान रहते हैं उनके लिए सांस फूलना एक सामान्य समस्या होती है। क्योंकि चर्बी अधिक होने से श्वांस लेने में तकलीफ हो जाती है। क्योंकि मोटे लोगों में हाईड्रोजन गैस ज्यादा बढने लगते है और फिर ये दिक्कत उन्हें हो जाती है।

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निमोनिया की तकलीफ

फेफड़ों तक जब आॅक्सीजन ठीक तरह से नहीं पहुंच पाती है तब इससे शरीर में सांस लेने की तकलीफ होती है। एैसा निमोनिया के रोगियों को भी होता है। नीमोनिया का कीटाणु हमरी श्वांस नली में अवरोध पैदा करता है। और मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो जाती है। साथ ही उनके पैरों में सूजन, होठों का नीला पड़ना, छाती में जलन व दर्द, खांसी बुखार होना आदि हो सकता है।

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गुर्दे पर असर होना

शरीर में गुर्दे महत्वपूर्ण होते हैं। और यदि यही सही तरह से काम नहीं करेगें तो हम कभी स्वस्थ नहीं रह सकते हैं। सांस फूलने से भी गुर्दे पर असर पड़ सकता है। अधिक सांस फूलने से गुर्दे फेल होने की ओर इशारा करते हैं। क्योंकि जब शरीर में यूरिया के लेवल में बढ़ोत्तरी हो जाती है। तब इससे हमारी सांस छोड़ने और मुंह से गंदी बदबू आने लगती है। यही नहीं इससे सांस लेने में भी परेशानी होती है। और जो भी हम खाते हैं तो उसका स्वाद भी खराब हो जाता है।

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हो सकता है अस्थमा

आपको बता दें की सांस की तकलीफ अधिक होना इस ओर संकेत भी करती हैं की कहीं आपको अस्थमा तो नहीं हो गया है। हर उम्र के लोगों में अस्थमा की समस्या देखी जा रही है। क्योंकि इस बीमारी में श्वांस नली से जो हवा जाती है वह संकुचित हो जाता है और फिर वहां पर सूजन हो जाती है जिसकी वजह से हमारे अंदर कफ जमने लगता है और फिर सांस लेने में रूकावट आती है। बहुत से लोगों में तो अस्थमा की वजह उनके दिल में जकड़न से महसूस होती है। यही नहीं सांस लेते हुए घरघराहट की आवाज भी आती रहती है।

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पेट में कैंसर होना

पेट के कैंसर का भी पता चलता है सांस लेने की समस्या से। आपको लंबे समये से सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो ये पेट के कैंसर की ओर इशारा करता है। एैसे में आपको बिना रूके जल्द से जल्द चिकित्सक के पास जाकर अपनी जांच करवानी चाहिए। शोध में ये बात सामने आई है की सांस की दक्कतें पेट में कैंसर हो सकता है।

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बढ़ सकता है डायबटीज का खतरा

आपको बता दें की श्वांस से संबंधित बीमारियों के होने से डायबटीज का खतरा अधिक हो सकता है। सांस लेने की समस्या को हल्के में ना लें। क्योंकि ये भी मधुमेह का एक कारण है।

 



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