chilblains treatment in Hindi

सर्दियों में आप इस बीमारी की चपेट में आ सकते हो..एैसे बचें!

ठंड के सर्द मौसम में कई तरह की बीमारियों के लगने का खतरा बढ़ जाता है। एैसे में हमारे हाथों और पैरों की उंगुलियां तक नीली पड़ने लगती हैं। यही नहीं इसके साथ—साथ उनमें सूजन व दर्द भी होने लगता है। कई बार खुजली तक अधिक लगने लगती है। इस समस्या को चिलब्लेन्स कहा जाता है। सर्दियों में ही इस समस्या के अधिकतर मामले सामने आते हैं।

जनवरी के माह के अंत तक इस समस्या में तेजी आती है। वे लोग जो दुपहिया वाहनों का प्रयोग करते हैं उन्हें भी इस समस्या का खतरा रहता है। छोटे बच्चों को भी इस समस्या से अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है। एैसा इसलिए क्योंकि ठंड की वजह से हमारे हाथों या पैरों की उंगलियों के रक्त कोशिकाओं में बहने वाला खून सही तरह से प्रभावित नहीं हो पाता हैं और इसी कारण से कोशिकाओं में सूजन आती है। और खून पूरी तरह से आगे नहीं बढ़ता है। और फिर उन स्थानों पर लाल रंग के धब्बे पड़ते हैं। और ये धब्बे बाद में नीले रंग में बदल जाते हैं। जो खुजली पैदा करते हैं। सही समय पर ध्यान ना देने की वजह से ये समस्या संक्रमण में बदल जाती है। और फिर परेशानी और तेजी से बढ़ सकती है।

वे माताएं बहनें जो घरों में कार्य करती हैं। और दिन भर पानी में रहकर कार्य करती हैं वे भी चिलब्लेन्स की चपेट में आ सकती हैं।

चिलब्लेन्स के लक्षण

  • हाथों या पैरों की उगुंलियों में दर्द होना।
  • प्रभावित त्वचा का रंग नीला पड़ना।
  • प्रभावित अंगों में खुजली का होना।
  • फोफले होना।

चिलब्लेन्स से बचने का उपाय – chilblains treatment in Hindi

आप ठंड के मौसम में जुराब और दस्ताने पहन कर रखें। सर्दी जब कम हो तब सूती मौजे पहनें और अधिक सर्दी होने पर आप उनी या सूती दोनो तरह के जुराब व दस्ताने पहनें।

समस्या अधिक होने पर आप गर्म पानी लें और फिर उससे सिंकाई करें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें की पानी अधिक गर्म ना हो। अगर इससे ​भी यह समस्या ठीक ना हो तो आप डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

जरूर बरतें इन सावधानियों को चिलब्लेन्स से बचने के लिए

बच्चों हों या बड़े अपने हाथ व पैरों को अच्छी तरह से कवर करके घर से बाहर जाएं।
जूते पहनें चप्पलों की जगह। उनी जूते या गर्म जूते पहनें।
सर्दियों में बच्चों को बाहर खेलने से बचाएं।
दस्तानों व मोजों का प्रयोग करें।
धूमपान से बचें।

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