home remedies for tb in Hindi

अब घरेलू चीजों से भी संभव है टीबी का इलाज

कई नामों से जाना जाता है टीबी रोग को। जैसे क्षय रोग, तपेदिक आदि। टीबी एक एैसी समस्या है जिसका समय पर उपचार ना होने की वजह से इंसान की जान तक जा सकती है। टीबी यानि ट्यूबरकुल बेसाइल। ​जो सीधे तौर पर इंसान की आंतों, हड्डियों और फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। लेकिन सबसे ज्यादा मामले फेफड़ों के संक्रमण के देखने को मिलते हैं। ये बीमारी मायकोइक्टीरियम ट्यूबरकुल बेसिलाइ जीवाणु से फैलता है।

टीबी के प्रमुख लक्षण व कारण

भूख ना लगना
वजन का घटता रहना
सांस लेने में दिक्कत
बुखार का तेज होना
दो सप्ताह से अधिक खांसी का रहना
शरीर में कमजोरी का महसूस होना आदि।

टीबी का घरेलू उपचार – home remedies for tb in Hindi

जांच करवाएं

दोस्तों टीबी किसी भी इंसान को हो सकती है। एैसे में जरूरी हैं समय पर जांच का करवाना। ये रोग एक इंसान से दूसरे इंसान तक आसानी से फैल सकता है। टीबी संक्रमित इंसान के छीकने, खांसने आदि से निकलने वाले जीवाणु से यह दूसरे इंसान को भी हो सकता है। जब कभी भी इसके शुरूआती लक्षणों का पता चले तो जरूर जांच करवा लें। इससे आपको जल्दी ही इस रोग से निजात मिल सकता है। एक्स रे के जरिए टीबी के बैक्टीरिया की पहचान भी की जा सकती है।

कैसे करें टीबी का इलाज

दोस्तों इस समस्या का उपचार बहुत ही धीमी गति से होता है। यानि की रोगी को पूरी तरह से स्वस्थ होने में आठ माह तक का वक्त लग सकता है। इसके अलावा जो इंसान इस बीमारी से संक्रमित है उसके खान—पान और उसके आस—पास की जगह का साफ सुतरा रखने के लिए भी ध्यान देने की जरूरत होती है।

घरेलू इलाज के ​जरिए भी आप पूर्ण रूप से क्षय रोग से मुक्ति पा सकते हो। और आपको समय—समय पर उन दवाओं को लेना भी जरूरी है जिसे डॉक्टर आपको बताते हैं।

टीबी कंट्रोल करने के घरेलू उपचार

इस रोग के होने के बाद रोगी का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है। ताकी वह समय पर ठीक हो सके।

संतरा है लाभकारी

संतरे में कई बीमारियों का उपचार छिपा है। ठीक एैसे ही यदि संतरे के रस में एक चम्मच शहद और एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर पीते हैं तो आपको इस रोग में जरूर लाभ मिलेगा।

काली मिर्च से इलाज

जैसा की आपको पता है की टीबी फेफड़ों को सबसे अधिक प्रभावित करती है। एैसे में आप काली मिर्च का प्रयोग करें। देसी घी में पांच से छ काली मिर्च के दानों को फ्राई करें। और फिर इसमें उपर से हींग के पाउडर की एक चुटकी डालकर इसे मिक्स कर लें। और तीन भागों में इसे बांट लें। इसका सेवन आपको हर एक घंटे के बाद चबाकर कर करते रहना है।

करें ग्रीन टी का सेवन

लाभकारी व गुणकारी होती है ग्रीन टी। इसका सेवन करने से इंसान का वजन नहीं बढ़ता है साथ ही वह कई बीमारियों से भी बचता है। टीबी के रोग में आप दिन में एक या दो बार ग्रीन टी को जरूर पीएं। इससे आपको इस बीमारी में बहुत लाभ मिलेगा।

करें लहसुन का प्रयोग

लहसुन में रोगों से लड़ने की अद्भुत ताकत होती है। साथ ही यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। आप दूध का एक कप लें उसमें दो कलियां लहसुन की डाल लें और इसे उबालें । इसके बाद आप इस दूध का सेवन करें। इसके अलावा आप चाहें तो एक कली लहसुन की एक गिलास गुनगुने पानी के साथ पीएं।

केले से उपचार

बहुत सारे पौष्टिक और यौगिक गुणों से भरपूर रहता है केला। आप यदि केले का सेवन या कच्चे केले से निकलने वाले जूस का सेवन करते हो तो इससे भी टीबी में आराम हो सकता है। केले में कैल्श्यिम होता है जो बुखार और कफ से आपको राहत दिलवाता है। केला खान भी अच्छा है क्षय रोगियों को।

करें आंवले का प्रयोग

जी हां, भाइयों टीबी के रोगी को आप आंवले का सेवन जरूर कराएं। यही नहीं आप खाली पेट एक चम्मच शहद के साथ आंवले के रस को मिलाकर पीएं। इससे ये रोग जल्दी ठीक हो जाता है।

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