food poisoning ke gharelu upchar in Hindi

फूड पाइज़निंग – लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार!!

आजकल लोगों में खाना खाने में थोड़ा सा भी परहेज नहीं करते हैं जिसकी वजह से उन्हें तरह—तरह की बीमारियां लग सकती हैं। उन्हीं बीमारियों में से एक है फूड पॉइजिनंग। यह तब होती है जब हम दूषित खाना खाते हैं तब इससे फूड फूड प्वाइजनिंग हो जाती है। और इससे इंसान को काफी दिक्कत आने लगती हैं। वैसे तो ये कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन इसका उपचार आयुर्वेदक उपायों से किया जा सकता है।

क्या होते हैं फूड प्वाइजनिंग के लक्षण – (symptoms of food poisoning in Hindi)

  • बदन दर्द
  • दस्त व उल्टी का लगना
  • चक्कर आने लगते हैं
  • पेट में दर्द का होना
  • बुखार आना आदि प्रमुख लक्षण होते हैं फूड पाइजनिंग के।

आयुर्वेदिक घरेलू उपचार फूड प्वाइजनिंग से बचने के- Ayurvedic Gharelu upchar food poisoning se bachne ke

क्या आप जानते हैं नींबू के छिलके के फायदों को

पीएं नींबू का रस

आपको बता दें की जब फूड प्वाइजनिंग की समस्या होती है तब शरीर से पानी उल्टी और दस्त के रूप में बाहर निकल जाता है। एैसे में शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। एैसे में आप नींबू पानी का सेवन करते रहें। गर्मियों के मौसम में नींबू रस आपके शरीर से विषाक्त चीजों को निकाल देते है। एैसा इसलिए क्योंकि इसमें एंटीआॅक्सीडेंट होता है जो शरीर को साफ करता है। यानि ये एक बेहतरीन उपचार है इस ​बीमारी से बचने में।

कैसे प्रयोग करें नींब रस का

आप एक गिलास पानी का लें और फिर इसमें आधा कटा हुआ नींबू का रस निचोड़ लें। अब आप इसमें थोड़ा सा शहद भी मिला लें। दिन में तीन बार आप आप इस पानी का सेवन करें। नींबू में जीवाणुनाशक तत्व फूड प्वाइजनिंग को खत्म करने में मदद करते हैं।

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इस्तेमाल करें सेब के सिरके का

बहुत सारी बीमारियों को दूर करता है सेब का सिरका। यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने के अलावा आपके वजन को घटाने में सहायक होता है। अगर बात करें। फूड प्वाइजनिंग में तो आपको इसका इस्तेमाल विशेष तरह से करना होगा।

एक गिलास में गर्म पानी डालें और फिर उसमें दो चम्मच सेब का ​सिरका डाल लें। और फिर इसका सेवन करते रहें। एैसा आप दिन में कम से कम दो बार जरूर करें। क्योंकि सेब के सिरके में कई तरह के एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। जो शरीर से दूषित बैक्टीरिया को समाप्त करते हैं।

लहसुन के चमत्कारिक औषधीय फायदे

लहसुन का प्रयोग

लहसुन हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह शरीर की प्रति रोधक क्षमता को बढ़ाता है जिससे बीमारियों से लड़ने में हमारा शरीर सक्षम हो जाता है। यह एंटी—आॅक्सीडेंट, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुणों से भरपूर होता है।

कैसे करें लहुसन का इस्तेमाल फूड प्वाइजनिंग में- Garlic in food poisoning in hindi

आप सुबह के समय छिला हुआ कच्चा लहसुन का सेवन करें। एक कली। आप इसे चबाकर का खाएं। थोड़ा सा आपको अजीब सा लगेगा इसे खाते समय लेकिन यह आपको इस रोग से पूरी तरह से बचा देगा।

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लाभकारी तुलसी

प्राकृतिक रूप से तुलसी एक आयुर्वेदक औषधि है। और यह आपको घर—घर में मिल ही जाएगी। तुलसी का प्रयोग कई तरह के घरेलू उपचारों में भी किया जाता है। फूड प्वाइजनिंग में तुलसी एक कारगर घरेलू उपचार है।

कैसे प्रयोग करें तुलसी का

फूड प्वाइजनिंग से बचने के लिए आप तुलसी के पत्तों से उसका रस निकालें। और एक इसे एक चम्मच शहद में डालकर इसका सेवन कर लें। इसके अलावा आप पानी में तुलसी के रस को भी मिलाकर इसका सेवन कर सकते हो।

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केला भी है फायदेमंद

दोस्तों शरीर को उर्जा देने के अलावा पोषण की कमी को दूर करता है केला। केले में मौजूद पोटेशियम और फाइबर हमें रोगों से बचाते हैं। फूड प्वाइजनिंग की समस्या दूर करने के लिए आप रोज केले का सेवन करें। यह फूड प्वाइजनिंग के लक्षणों को पूरी तरह से कम कर देता है।

 

फूड प्वाइजनिंग में परहेज और बचने के घरेलू उपचार- food poisoning ke gharelu upchar in Hindi

  • जब भी आप शौच करके आएं तो अपने हाथों को साबुन से जरूर साफ करें।
  • कच्ची सब्जी का सेवन करने से पहले उसे बहुत अच्छी तरह से साफ करके उसका प्रयोग करें खाने में।
  • जिन बर्तनों में आप खाना बनाते हों उन्हें हमेशा साफ करके रखें।
  • तली हुई चीजों और खुला खाना खाने से बचें।
  • पानीपुरी, चाउमिन, बर्गर और टिक्की आदि से दूरी बनाकर रखें।
  • सबसे जरूरी बात की आप किसी भी तरह से बासी खाना ना खाएं। क्योंकि यह बासी खाना खाने की वजह से ही होता है।
  • खाना हमेंशा फ्रेश खाएं। दुकान से जब भी कोई खाने वाली चीज को खरीदें तो उसकी एक्स्पायरी डेट जरूर चेक करें।

अन्य उपचार- healthy foods To eat after food poisoning in hindi

  • एक चम्मच मेथी दाने को ताजे मठ्ठे में मिलाकर पीने से ये रोग जल्दी ठीक होता है।
  • काली चाय बहुत फायदेमंद होती है इस बीमारी से बचने में।
  • पानी को आप जितना पी सकते हैं उतना पीएं।

ये वैदिक कारगर घरेलू उपचार हैं फूड प्वाइजनिंग की बीमारी से बचने के। लेकिन फिर भी ​यदि आपको इनसे राहत ना मिले तो आप अपने को जरूर चिकित्सक को दिखाएं।

 



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