naso me dard ke karan aur upay

नसों में दर्द होने के कारण और उपचार, जरूर जान लें!

नर्व यानि की नसें हमारे शरीर में रक्तसंचार के अलावा कई महत्वपूर्ण कार्य करती है। नसों से ही हम हाथ, पैर व गर्दन को घुमाते हैं। और यदि नर्व में किसी तरह की परेशानी होती है तो इससे हमें काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। हम यहां पर बात कर रहें हैं नर्व पेन की। जिसे  न्युराल्जिमा भी कहा जाता है। यदि न्युराल्जिमा में संवेदनहीनता, जलन या फिर एक से ज्यादा नर्व में दर्द फैल सकता है। इस महत्वपूर्ण लेख में हम आपको नसों में दर्द के कारणों के बारे में तो बताएंगे ही साथ ही हम उपचार भी आपको बताएंगे। इसलिए इस लेख को कृपया करके पूरा पढ़ें।

बात करें नसों में दर्द के कारण की – Nerves pain symptoms in Hindi

यह कई कारणों से हो सकता है। जिसमें मुख्य हैं —
मधुमेह के कारण
ड्रग्स सेवन करने वाले
नसों पर किसी कारण से दबाव का पड़ जाना
नर्व में सूजन होना
पारफाइरिया
लाइम डिजीज, शिन्गल्स व सिफलिस जैसे संक्रमण की
वजह से।
आपको बता दें की नर्व पेन बहुत दर्दनाक व तकलीफ देने वाला होता है। एैसे में यदि किसी वजह से दर्द अपने आप बंद भी हो जाए तो यह दर्द स्थाई रूप से बना ही रहता है। नसों में दर्द होने पर इसकी पहचान करने में कई दिन लग जाते हैं। और फिर नसों में दर्द होने से आपको बहुत ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

अब आपको बता दें नसों में दर्द के लक्षण क्या होते हैं। nerve pain in hindi

  • दर्द का लगातार बने रहना या फिर ये दर्द रूक—रूक के भी हो सकता है।
  • नसों में दर्द होना या फिर उनमें जलन महसूस होना
  • नस को छूने या फिर दबाने से दर्द का महसूस होना।
  • पैरों की नसों में दर्द से तो इंसान को चल फिर पाने में समस्या होती है।
  • मांसपेशियों में कमजोरी अथवा दर्द होना।
  • अचानक से दर्द का उठना व बहुत तेजी का दर्द होना।
  • एैसा लगना की किसी ने कोई नुकीली चीज चुभो दी हो।नर्व यानि नसों का जो रास्ता होता है शरीर में उसमें भी कई बार दर्द बार—बार होता रहता है। आदि।

नर्व पेन की जांज

जब आपको एैस लगे की नसों में दर्द हो रहा है तो आपको सबसे पहले इसे चिकित्सकों को दिखाना चाहिए। ताकी वह सही समय पर इस रोग की पहचान करके आपको उचित सलाह दे। वह आपके शरीर की जांच कर सकता है। जांच में वह मुख्य कारणों का पता लगात है। जैसे-

  • दर्द व प्रभावित क्षेत्र से पसीने का आना।
  • त्वचा में दर्द को चेक करना।
  • नसों के पास दर्द व सूजन को स्पर्श करके चेक करना।
  • एैसे क्षेत्र जिन्हें ट्रिगर प्वाइंट कहा जाता है वहां पर हल्के से छूने से दर्द होता है।
  • फेशियल दर्द के लिए दांतों की जांच करना।
  • अर्थाराइटीस की पहचान करना।
  • दर्द से प्रभावित अंग में सूजन व लाल हो जाने की जांच करना।

कैसे हो सकता है नसों के दर्द का उपचार – Naso ke dard ka upchar

दोस्तों, वैसे तो नसों में होने वाला दर्द आसानी से ठीक नहीं हो सकता हैं यानि की इसका उपचार थोड़ा कठिन है। एैसे में हमें डॉक्टरों की सलाह की आवश्यकता होती है। जिससे यह पता चल सके की इस दर्द के उपचार में कौन चीज या प्रणाली लाभकारी है। एैसा भी हो सकता है की यह दर्द समय के साथ खत्म भी हो जाए। और नसों में फिर से सुधार हो जाए। तब भी हम ये कहेंगे की नसों के दर्द का इलाज इतना आसान नहीं हो सकता है।

  • नसों के दर्द के उपचार में मुख्यत: इन बातों पर ध्यान दिया जाता है।
  • दर्द से बचने के लिए आपकी सहायता को करना
  • ट्यूमर से भी नसों पर दबाव पड़ता है जिससे दर्द होने की संभावना अधिक रहती है।
  • दर्द तेज हो उसे कम करना।
  • रोज के दैनिक कामों का प्रभाव हो जाना आदि।

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