Banyan Bargad ke ped ke fayde aur nuksan

बरगद की छाल और दूध आपको बचाते हैं कई बीमारियों से!!

पुराने जमाने से ही बरगद के पेड़ को एक आयुर्वेदिक औषधि के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। ये पेड़ काफी बड़ा होता है। भारत में इस पेड़ को धार्मिक महत्व भी बहुत है और इस वजह से इसे पूजा भी जाता है। ये पेड़ सदाबहार होता है। इसके नीचे बैठने ठंठक एहसास होता है। यही वजह भी है गांव में लोग गर्मियों के मौसम में इस पेड़ की छांव में भी बैठते हैं। इस पेड़ को अंग्रेजी में फाइकस बेंगालेन्सिस ( Ficus benghalensis) कहा जाता है। और इसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे बड़, वट वृक्ष आदि।

हर भाषा में इसका अलग नाम है मराठी लोग इसे वड़ कहते हैं, पंजाब में इसे बोहड़ व गुजराती में इसे बड़ आदि बोला जाता है।

अब जानते हैं बरगद के पेड़ में पाए जाने वाले औषधीय तत्वों के बारे में। – Health benefits of Banyan Tree (Ficus benghalensis) in Hindi

जैसा की आपको हमने बताया था ये पेड़ हमें कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। जी हां, यह हमें शरीर की दुर्बलता की समस्या, बुखार, धातु विकार, बलगम, कफ व फुंसियों आदि को खत्म करने का काम करता है।  बरगद शक्तिवर्धक और शीतल होता है साथ ही इसका स्वाद कषैला होता है। जो हमारी सेहत को रोगों से मुक्त रखता है।

इस पेड़ का इस्तेमाल इसकी छाल, दूध व फल आदि के रूप में किया जाता है। बरगद किन रोगों से बचाता है इस लेख में हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं।

​कितनी मात्रा में सेवन करना चाहिए –  Doses of Banyan milk in Hindi

हर रोग के लिए इसके सेवन की मात्रा अलग होती है। सामान्य तौर पर इसका केवल 6 ग्राम की मात्रा में ही प्रयोग करना चाहिए।

बरगद के फायदे व बरगद के फल व जटा खाने के फायदों के बारे में हम आपको बता देते हैं। जिनका प्रयोग आप रोग उपचार में कर सकते हो।

कमर में दर्द होना

  • यदि आप बरगद के पेड़ से निकलने वाले दूध का प्रयोग कमर पर करते हो तो इससे आपको इस दर्द में शांति मिलेगी।
    दिन में तीन बार आप कमर बरगद के दूध से मालिश करें।
  • इसके अलावा यदि आप अलसी के तेल में थोड़ा सा बरगद का दूध मिलाकर कमर की मसाज यानि मालिश करते हो तो आपको इस दर्द से जल्द ही राहत मिल जाएगी।

कोढ़ यानि कुष्ठ रोग में बरगद का पेड़

जिन लोगों को कोढ़ हो उनके लिए बरगद का पेड़ बहुत ही फायदेमंद हो सकता है। रात में सोने से पहले कुष्ठ रोगियों अपने कुष्ठ वाली जगह पर बरगद के दूध का लेप लगाना चाहिए। साथ ही बरगद उस जगह पर बरगद की छाल को लपेट देना चाहिए। इससे कोढ़ के जीवाणु खत्म होने लगते हैं। एैसा नियमित आपको एक सप्ताह तक करना होगा।

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चोट व जख्म होने पर

यदि आपको चोट व घाव हो गया हो या फिर सूजन व मोच आ गई हो तो आपके लिए बरगद एक दवा के तौर पर काम करता है। आप बरगद से निकलने वाले दूध को प्रभावित हिस्सों पर लगाएं इससे आपकी ये सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी।

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छोटे बच्चों में पीले व हरे दस्त की समस्या

जब बच्चों के दांत आते हैं तब उन्हें हरे व पीले रंग के दस्त होते हैं। एैसे में आप बच्चे की नाभि में बरगद के दूध को लगाएं। इससे ये समस्या ठीक हो सकती है।

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बिवाई का फटना

महिलाओं में अक्सर ये समस्या देखने को मिलती है उनकी पैरों की बिवाई फट जाती हैं। एैसे में एक कटोरी में बरगद के दूध को निकालें और फिर उससे अपने पैरों की मालिश करें। एैसा आप कुछ दिनों तक जरूर करें। इससे पैरों की बिवाई ठीक हो जाएगी।

पेशाब में जलन के लक्षण और घरेलू उपचार

पेशाब में जलन

बहुत से लोगों में पेशाब में जलन की समस्या देखी जाती है। एैसे में आप बरगद के पत्तों  को पानी में डालकर उसका काढ़ा बनाएं और दिन में कम से कम दो बार 50 मिलीलीटर की मात्रा में इसे पीएं। इससे आपकी पेशाब में होने वाली जलन ठीक हो जाएगी।

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शीघ्रपतन की समस्या

पुरूषों में यदि शीघ्रपतन की दिक्कत हो रही हो तो एैसे में आप एक बताशा लें और फिर उसमें तीन बूंद बरगद के पत्ते से निकलने वाले दूध को टपका कर उसका सेवन करें। एैसा दिन में कम से कम आप दो बार जरूर करें। इस उपचार से आपको शीघ्रपतन के अलावा, खूनी बवासीर, वीर्य के पतलेपन आदि की समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाएगा।

अंग का आग से जलन

आपका शरीर का कोई अंग से आग से जल गया हो तो आप जले हुए स्थान पर दही के साथ बरगद के पेड़ के पत्तों को पीसकर उसका लेप लगाएं। इससे जलन शांत हो जाती है।

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सिर में दर्द हो तो

यदि आपके सिर में दर्द हो रहा हो तो आप इस पेड़ के चूर्ण को पानी के साथ मिलाकर सिर पर इससे मसाज करें। बरगद का चूर्ण आपको आयुर्वेदिक दुकानों में मिल जाएगा।

दूर होती है नपुंसकता

नपुंसकता दूर करना चाहते हो तो आप को बरगद के दूध की चार से पांच बूंदे बताशे में डालकर दिन में दो बार खाना है। एैसा कुछ दिनों में आप इस परेशानी से बच जाओगे।

आंखों में जाला

यदि आंख में जाला लग गया हो तो आप बड़ से निकलने वाले दूध की एक बूंद आंख में डालें इससे यह उस जाले को काट देता है।

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दमा के मरीजों के लिए – banyan leaf for dama problem hindi

पान में आप बड़ के पेड़ के पत्ते की जली हुई राख को 200 मिलीग्राम की मात्रा में डालकर उसका सेवन करें इससे दमा में राहत मिलती है।

गले में गांठ होना

जिन लोगों को गले में गांठ की समस्या हो गई हो वे बरगद के दूध से अपने गले की मालिश करें।

गठिया का आयुर्वेदिक इलाज

गठिया की बीमारी – Bargad tree benefits for Joint pain in hindi

जिन लोगों को ​गठिया से होने वाला दर्द अधिक होता हो वे अलसी के तेल में थोड़ा सा बरगद का दूध मिलाकर उससे ​गठिया के दर्द वाली जगह पर मालिश करें। आपको इससे राहत मिलेगी।

मंुह में छाले – Bargad ke ped Chhal for mouth ulcer in Hindi

एक अचूक औषधि है बड़ मुंह के छालों की समस्या में। यदि आप एक लीटर पानी में तीस ग्राम की मात्रा में बरगद की छाल को उबालते हैं और गुनगुना करके इससे गरारे करते हो तो मुंह के छाले पल भर में दूर हो जाएगें।

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दांतों में कीड़े लग जाना – Bargad ka doodh for Dental problems in Hindi

अगर आपके दांत में कीड़ा लग जाए और आपको इस बात का पता शुरूआत में ही चल जाए तो आप बड़ के दूध को कीड़े वाली जगह पर लगा लें। इससे कीड़ा मर जाता है और आपका दांत का दर्द भी ठीक हो जाता है।

diabetes

मधुमेह की समस्या में – Bargad ke ped ke fayde for diabetes in Hindi

वे लोग जो शुगर यानि मधुमेह की समस्या से ग्रसित हैं वे बरगद की छाल का प्रयोग करें। आप बरगद की छाल को पीसकर इसका चूर्ण बनाएं और फिर इसे आधा लीटर पानी में डालकर इसे अच्छी तरह से पका लें। और जब यह ठंडा हो जाए तब आप इसको छानकर इसका सेवन करें। इससे आपका शुगर नियंत्रित हो जाएगा।

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खुजली की समस्या –  bargad ke fayde for itching problem in Hindi

खुजली यदि आपको बार—बार हो और वह ठीक ना हो रही हो तो इसके लिए आप सबसे पहले आधा किलो की मात्रा में बदगर के पत्तों को लें और फिर इसे सुखाकर इसका चूर्ण बना लें। इसके बाद आप इस चूर्ण को तीन लीटर पानी में डालकर रात भर के लिए छोड़ दें। और सुबह के समय में आपको इस चूर्ण को पानी में पका लेना है। तब तक पकाएं जब तक पानी एक किलो ना बच जाए। इसके बाद आप अब इसमें कम से कम आधा किलो की मात्रा में सरसों के तेल को डाल दें। और फिर से इसे तब तक पकाएं जब तक की इसमें केवल तेल ना बच जाए। अब आप इसे छानें और फिर इससे अपने शरीर की मालिश करें। इससे आपकी खुजली की दिक्कत दूर हो जाएगी।

बरगद के पेड नुकसान- bargad ke ped nuksan or Banyan side effects in hindi

  • गर्भवती महिलाएं अधिक मात्रा में कभी भी बरगद के दूध का सेवन ना करें।
  • ज्यादा बरगद के दूध करने से आपको उल्टी आ सकती है।
  • चिकित्सक की सलाह से ही बरगद के दूध का सेवन करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर की समस्या वाले लागों को भी इसके सेवन से बचना चाहिए।
  • छोटे बच्चों को इसका सेवन ना कराएं।



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