how to do Ustrasana yoga and its benefits in hindi

उष्ट्रासन योग की विधि और फायदे ! आपकी सेहत के लिए

शरीर को रोगों से मुक्त रखता है योग। इसलिए आज के समय में योग की प्रसांगिता बढ़ गई है। योग आपको दिमागी रूप से स्वस्थ और सुंदर रखता है। इसलिए जरूरी हो जाता है की आप सुबह योग का कोई ना कोई आसन जरूर करें। अभी हम इस लेख में बात कर रहे हैं उष्ट्रासन की। जी हां जिसे आप कहीं पर भी आसानी से बैठकर कर सकते हो। इस योग विधि में आपको अपने शरीर को उंट का आकार देना होता है।
तो दोस्तों जान लेते हैं की उष्ट्रासन को कैसे करना चाहिए और इससे क्या फायदे हमारी सेहत को मिल सकते हैं।

उष्ट्रासन योग को करने का तरीका या विधि – Ustrasana yoga and its benefits in Hindi

  • सबसे पहले आप किसी एैसी जगह को चुनें जो खुली व हवादार हो। और फिर यहां पर आसन या चटाई को बिछा लें।
  • अब आप अपने दोनों पैरों को आराम से सामने की ओर फैलाएं।
  • इसके बाद आराम—आराम से अपने दोनों पैरों के घुटनों को मोड़ें और बैठ जाएं। ​जैसा की चित्र में दिखाया गया है।
  • अब आप धीरे से कोशिश करें घुटनों के सहारे उपर की ओर उठने की।
  • इसके बाद आप अपने दोनों हाथों को कमर पर रखें और पीछे की ओर धीरे से झुकें।
  • पीछे की ओर झुकते हुए आप अपने एक हाथ को ऐड़ी से छूने का प्रयास करें। और इसके बाद दूसरे हाथ को भी ऐड़ी से लगाएं।
  • दोनों हाथों को एकदम से पीछे ऐड़ी पर ना लगाएं। पहले एक हाथ को लगाएं फिर दूसरे को। इस बात का ध्यान आप जरूर रख लें।
  • अपने सिर का पीछे की ओर झुकाएं।
  • कोशिश करें की थोड़ा समय आप इस आसन पर रूके रहें।
  • अब आप फिर से वापस पहली वाली अवस्था में आ जाएं।

ये तो है उष्ट्रासन को करने की विधि अब जान लेते हैं।

उष्ट्रासन करने के फायदे

  • आपकी काया सुंदर और जवां होती है।
  • शरीर को लचीला बनाता है ये योग। जिससे कमर भी अच्छी व सुंदर दिखती है।
  • माताओं व बहनों को होने वाली मासिक परेशानियों में लाभदायक है।
  • शरीर में खून का प्रभाव बहुत अच्छे से होता है।
  • मांसपेशियों में ताकत आती है।
  • इस योग को करने से आपको स्लिप डिस्क, साइटिका और कमर के दर्द में आराम मिलता है। साथ ही ये समस्या भी ठीक हो जाती है।

क्या सावधानियां है उष्ट्रासन योग की

हर योग के अपने लाभ और सावधानियां होती हैं। इसलिए इसके बारे में जरूर जानें। दोस्तों वे लोग इस योग को ना करें ​जिन्हें कमर में भंयकर दर्द रहता हो। या फिर वे किसी दिल की बीमारी से ग्रसित हों।
उच्च रक्तचाप से ग्रसित लोगों को भी इसे नहीं करने की सलाह दी जाती है।
इस आसन को किसी योग गुरू की रेख देख में ही करें। इस आसान को बहुत ही आराम से करें। जल्द बाजी करने से आपको कई नुकसान हो सकते हैं।

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